*सर्वसमाज समरसता समिति की नवीन कार्यकारिणी का गठन, पुरोबी वर्मा बनीं चौथी अध्यक्ष*

छत्तीसगढ़ न्यूज 24/सागर ग़नीर/दल्लीराजहरा-
समाज प्रमुखों एवं प्रबुद्धजनों की गरिमामयी उपस्थिति में सर्वसमाज समरसता समिति, दल्ली राजहरा की नवीन कार्यकारिणी का गठन सर्वसम्मति से किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ समिति के वर्तमान अध्यक्ष संतोष यादव द्वारा अपने द्विवर्षीय कार्यकाल की उपलब्धियों की जानकारी प्रस्तुत करने के साथ हुआ। इसके पश्चात उन्होंने समिति को भंग करते हुए नवीन कार्यकारिणी गठन का आदेश जारी किया।
उपस्थित सदस्यों द्वारा सर्वसम्मति से बंगाली समाज की पुरोबी वर्मा को सर्वसमाज समरसता समिति का चौथा अध्यक्ष नियुक्त किया गया। नवनियुक्त अध्यक्ष पुरोबी वर्मा ने अपने उद्बोधन में कहा कि समिति सर्वसमाज को साथ लेकर सामाजिक समरसता को और अधिक सशक्त बनाएगी तथा सनातन धर्म के मूल्यों, संस्कारों और सांस्कृतिक परंपराओं के संरक्षण व उत्थान हेतु निरंतर कार्य करेगी।
नवगठित कार्यकारिणी में महासचिव पद पर साहू समाज के राधेश्याम साहू, वरिष्ठ उपाध्यक्ष पद पर ब्राह्मण समाज से राघवेंद्र शर्मा, वरिष्ठ उपाध्यक्ष पद पर हल्बा समाज से गुलाब चुरेंद्र एवं मरार पटेल समाज से कोमल पटेल, महिला उपाध्यक्ष पद पर साहू समाज से सत्या साहू, महाराष्ट्र मंडल से नंदा पसीने तथा सचिव पद पर मलयाली समाज से एम.एस. श्रीजीत को दायित्व सौंपा गया। वहीं कोषाध्यक्ष पद पर जैन समाज से क्रान्ति जैन को नियुक्त किया गया।
इस अवसर पर समिति के प्रथम अध्यक्ष एवं नगर पालिका अध्यक्ष तोरण लाल साहू ने नवनियुक्त पदाधिकारियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सर्वसमाज समरसता समिति नगर में सामाजिक एकता, सांस्कृतिक जागरण एवं सनातन धर्म के प्रचार-प्रसार में निरंतर प्रभावी भूमिका निभा रही है। उन्होंने विश्वास जताया कि नवीन कार्यकारिणी संगठित रूप से कार्य करते हुए समिति को और अधिक मजबूत बनाएगी।
कार्यक्रम का संचालन समिति के संस्थापक सदस्य विजय देवांगन एवं पूर्व अध्यक्ष पवन गंगबोइर द्वारा किया गया। इस दौरान शेखर रेड्डी, राजकुमार गुप्ता, कृष्णा साहू, सोमित यादव, वीणा साहू, उमेश साहू, समर्थ लखानी, संगीता रजक, दामिनी साहू सहित बड़ी संख्या में समिति सदस्य एवं समाज प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
बैठक में सर्वसमाज समरसता, सनातन धर्म के उत्थान तथा आगामी भारतीय नववर्ष (चैत्र शुक्ल प्रतिपदा) के अवसर पर आयोजित होने वाले तीन दिवसीय कार्यक्रमों पर भी विस्तृत चर्चा की गई। साथ ही प्रत्येक वार्ड में वार्ड समरसता समितियों के माध्यम से भारत माता की आरती सहित विभिन्न धार्मिक-सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित करने का निर्णय लिया गया।





