*दल्लीराजहरा में नगर पालिका की लापरवाही से आवारा पशुओं ,कुत्तों और मच्छरों के आतंक से मासूम समेत तीन महिलाएँ घायल*

छत्तीसगढ़ न्यूज 24/सागर ग़नीर/दल्लीराजहरा-
नगर पालिका की लापरवाही का खामियाजा आम लोगों को अपनी जान से चुकाना पड़ रहा है। आवारा बैलों और गायों के आतंक का ताजा उदाहरण कल रात सामने आया, जब गणेश पंडाल के पास, एक्सिस बैंक से मात्र 10-15 मीटर की दूरी पर, हुई बैलों की लड़ाई में राकेश देवांगन का 13 माह का पुत्र युगार्थ देवांगन गंभीर रूप से घायल हो गया। मासूम के माथे और सिर पर गंभीर चोटें आईं, जिसके लिए उसे चार टांके लगे। इस घटना में बच्चे के साथ तीन महिलाएँ भी घायल हुईं, जिन्हें प्राथमिक उपचार के बाद घर भेजा गया। कुछ ही दिन पहले इसी जगह यानी एक्सिस बैंक के सामने दो बैलों की लड़ाई में फंसे युवकों की इलाज के दौरान मौत हो चुकी है। यह लगातार हो रही घटनाएँ नगर पालिका की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाती हैं। नगर में “काउ कैचर” सिर्फ नाम के लिए है। सोशल मीडिया पर दिखावे के लिए दो चार गाय या बैल पकड़कर फोटो खींचना ही इनका काम रह गया है। हकीकत यह है कि सड़कों पर आज भी दर्जनों गाय और बैल खुलेआम घूम रहे हैं और लोगों की जान खतरे में डाल रहे हैं। नगर के हालात सिर्फ आवारा पशुओं तक सीमित नहीं हैं। मच्छरों का आतंक भी लगातार बढ़ रहा है। दो महीने पहले नगर के युवाओं ने नगर पालिका अध्यक्ष और उपाध्यक्ष को ज्ञापन देकर फॉगिंग की मांग की थी। लेकिन आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। परिणामस्वरूप मलेरिया, डेंगू और चिकनगुनिया जैसी बीमारियों का खतरा तेजी से बढ़ रहा है। जिम्मेदार कौन?शहरवासी पूछ रहे हैं कि आखिर उनकी जान की जिम्मेदारी कौन लेगा? एक तरफ बैल और गाय जानलेवा साबित हो रहे हैं, दूसरी तरफ मच्छरों ने बीमारी फैला रखी है। सफाई व्यवस्था ठप है और प्रशासन केवल कागजों और फोटोशूट तक सिमटा हुआ है। नगर पालिका अध्यक्ष को अब हर हाल में अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी, वरना जनता का गुस्सा विस्फोटक रूप ले सकता है।







